ग्यारहवाँ साहित्य गरिमा पुरस्कार -2019 समारोह का आयोजन

આંતરરાષ્ટ્રીય કલા સાહિત્ય ગુજરાત ભારત લાઇફ સ્ટાઇલ વિશેષ સમાચાર

ग्यारहवाँ साहित्य गरिमा पुरस्कार -2019  समारोह  का आयोजन  21 अगस्त  , रविवार  प्रातः 11 . 30 बजे से रॉयल्टन होटल ,चिराग अली लेन , हैदराबाद में  संपन्न हुआ |


साहित्य गरिमा पुरस्कार समिति की संस्थापक  अध्यक्ष डॉ अहिल्या मिश्र  तथा  महासचिव डॉ रमा द्विवेदी एवं कादम्बिनी क्लब की कार्यकारी संयोजिका श्रीमती मीना मुथा ने संयुक्त विज्ञप्ति में  बताया कि
प्रथम  सत्र में  `ग्यारहवाँ  साहित्य गरिमा पुरस्कार-2019  ‘ समारोह  का आयोजन  किया गया  |
मुख्य अतिथि  डॉ एस के झा (चेयर मैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर ,मिधानी  ,हैदराबाद )  एवं मंचासीन अतिथियों के करकमलो से  सत्र का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलित  करके  किया गया  |
सुश्री शुभ्रा महंतो की वंदना के साथ समारोह का आरम्भ हुआ |   संस्थापक अध्यक्ष डॉ अहिल्या मिश्र  ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की | गौरवनीय अतिथि डॉ शुभदा वांजपे,(पूर्व विभागाध्यक्ष ,उस्मानिया विश्वविद्यालय )  विशेष अतिथि के रूप में  श्रीमती शांति अग्रवाल (कथाकार )  ,सम्माननीय अतिथि  श्रीमती अनुराधा रेड्डी (अध्यक्ष, हरित सोसाइटी एवं समाज सेवी ) प्रबंध न्यासी श्री मानवेन्द्र मिश्र (उद्योगपति एवं समाज सेवी ) एवं पुरस्कार गृहीता  डॉ उषा रानी राव (बंगलौर )   मंचासीन हुए।
डॉ अहिल्या मिश्र ने अतिथयों का परिचय एवं  स्वागत भाषण दिया  |
तत्पश्चात अतिथियों का सम्मान शॉल ,माला एवं फल की टोकरी   द्वारा किया गया |  अतिथियों के  सम्मान  में   लीला बजाज ,रवि वैद्य , डॉ बाला जी राव ,श्रीमती रूबी मिश्रा ,बिनोद गिरि अनोखा ,डॉ मदन देवी पोकरना, सीताराम माने ,तृप्ति मिश्रा , डॉ आशा मिश्र ,डॉ रमा द्विवेदी डॉ सुमन लता,एवं सुश्री दीपा कृष्ण दीप , पुष्पा  वर्मा ,विजय बाला स्याल,  सुहास भटनागर ,प्रदीप देवी शरण  भट्ट,उषा शर्मा  एवं धानुका जी ने   सहभागिता निभाई |
मुख्य अतिथि  का परिचय सुश्री  मीना मुथा(उपाध्यक्ष ) गौरवानीय अतिथि का  परिचय डॉ सुपर्णा मुखर्जी (सदस्य ) सम्माननीय अतिथि का परिचय दीपा कृष्ण दीप  (सह कार्यदर्शी )विशेष अतिथि एवं प्रबंध न्यासी  का परिचय शिल्पी भटनागर(सह कार्यदर्शी )  ने  दिया |
संस्था की महासचिव  डॉ रमा द्विवेदी ने संस्था का परिचय एवं प्रतिवेदन प्रस्तुत  करते हुए कहा -“ यह पुरस्कार महिला लेखन को प्रोत्साहित  करने एवं प्रतिष्ठित करने  हेतु दिया जाता है तथा  हिंदी साहित्य की विविध विधाओं  में से एक चयनित  विधा पर दिया जाता है |
डॉ सुरभि दत्त (संयुक्त मंत्री )  ने  पुरस्कार ग्रहीता डॉ उषा रानी राव जी  का परिचय   दिया | मोहिनी गुप्ता  (सदस्य ) ने प्रशस्ति पत्र वाचन किया | तत्पश्चात डॉ उषा रानी राव  ‘ को उनकी  पुस्तक `कविता की आँच में पिघलता  अँधेरा’ के लिए  शॉल ,माला ,स्मृति  चिन्ह ,प्रशस्ति पत्र एवं इक्कीस हजार की धन राशि द्वारा  ग्यारहवाँ साहित्य गरिमा पुरस्कार-2019   मुख्य अतिथि डॉ एस के झा  एवं सभी अतिथियों के द्वारा प्रदान किया गया  |
मुख्य अतिथि ने अपने वक्तव्य में कहा कि -मैं गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ कि साहित्य से हमारा लगाव हो रहा है | आज की शिक्षा में मोरल वैल्यूज  की  कमी देखने को मिलती है | युवा पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने की आवश्यकता है | गौरवनीय अतिथि डॉ शुभदा वांजपे ने कहा कि-कविता में केवल मनोरंजन  ही नहीं  बल्कि प्रेम  और समता का सन्देश भी  होना चाहिए | कवयित्री ने पुस्तक में अभिव्यक्ति का साहस दिखाया है |
प्रति आभार व्यक्त करते  हुए  कहा कि यह एक सारस्वत आयोजन की तरह दिख रहा है और मैं आत्मविभोर हूँ |
काकड़ा , सरिता सुराणा ,सीमा अग्रवाल ,डॉ बालकृष्णा ,डॉ माधुरी मिश्रा ,सीमा मिश्रा ,विजय लक्ष्मी ,तीर्थ वर्मा ,अनुराग शर्मा की उपस्थिति दर्ज हुई | सुश्री शिल्पी भटनागर (सह कार्यदर्शी )  ने सञ्चालन किया एवं डॉ  आशा मिश्रा (कोषाध्यक्ष ) के आभार ज्ञापन  से कार्यक्रम समाप्त  हुआ |

प्रस्तुतकर्ता:
भावना मयूर पुरोहित हैदराबाद
25/9/2022.

TejGujarati