मधुर मुस्कान भावना मयूर पुरोहित हैदराबाद महिलाओं प्रकृति की, प्रतिकृतियां होती हैं।

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प्रकृति खिलती है, तब सुंदर लगती है।

महिलाओं सजती हैं तब सुंदर लगती हैं।

प्रकृति सोलह कलाओं से खिलतीं हैं।

महिलाओं सोलह श्रृंगारों से सजती हैं।

महिलाओं के लिए सोलह श्रृंगारों से अतिरिक्त ओर एक सतरहवां श्रृंगार है, मधुर मुस्कान।

मधुर मुस्कान से महिलाओं अपने ,

परिवार जनों का दिल जीत लेती हैं।

घरों में मुंह फुलाकर फिर ने वाली महिलाओं से वात करना किसी को भी पसंद नहीं आता।

सभी को एक डर सा लगता रहता हैं,

मुंह फुलाकर रहने वाली महिलाओं कब हमारा दिल तोड लेंगी,

ऐसा ही माहौल कार्यालयों में भी होता हैं।

मधुर मुस्कान वाली बोस अपने, कर्मचारीओं से अधिक काम करवा सकतीं हैं।

मुंह फुलाने वाली महिलाओं को खुद ही ज्यादा काम करना पड़ता हैं।

फिर अकेले काम कर कर के, वे

थक जाती हैं, फिर ओर ज्यादा मुंह फुल जाता हैं,

जबकि मधुर मुस्कान वाली महिलाओं , अपनी मधुर मुस्कान से,

पुरी दुनिया अपनी मुट्ठी में कर लेती हैं।

मधुर मुस्कान एक दिव्य औषधि है।

खुद के लिए एवं खुदा के लिए।

भावना मयूर पुरोहित हैदराबाद

14//5//2021//

TejGujarati