” अब जीवन मे वक्त बहुत बदल” ” गया, किसी ने कुछ तो किसी ने” ” कुछ कहा” कुछ मुस्कान से खुद ” को पहचान तो जरा”।।

સમાચાર

” जीवन मे बस खुद को पहचानो”

” कितना अजीब रिश्ता है हमारा”
” और आपका? सोचना जरा ”
” मुस्कान से खुद को पहचान तो
” जरा”।।

” अब जीवन मे वक्त बहुत बदल”
” गया, किसी ने कुछ तो किसी ने”
” कुछ कहा” कुछ मुस्कान से खुद
” को पहचान तो जरा”।।

” आँसमा को मत देख,तु चल ”
” जरा,धरती पर रहकर ही होगा
” भला,थोड़ा-मुस्कुराकर देख कि
” कितनी पहचान हे जरा”।।

” खुली जगह पर बैठकर ,कल ”
” सोचना तुम जरा।कितना प्रेम ”
” प्यार हमसे,हमसफर से तुम्हारा
” है जरा”।।

” सम्पूर्ण जीवन मे विवेक से बहुत
” कुछ पाया जा सकता है, लेकिन
” सत्य यह है ,नामुमकिन को हम
” लोग पहले खुद मुमकिन कर”
” दिखाये”

जीवन का कटु सत्य ।
रचीयता भाई रमेश

TejGujarati
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